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इस बार गर्मियों में ज्‍यादा चुकाने होंगे बिजली के दाम, बिजलीघरों में कोयले की कमी होगी इसकी वजह

देश में कोयले की कमी से निजी क्षेत्र की बिजली परियोजनाओं का प्‍लांट लोड फैक्‍टर (क्षमता उपयोग) प्रभावित हो रहा है। इससे इन गर्मियों में बिजली एक्सचेंजों में बिजली की हाजिर कीमत बढ़ सकती है।

Abhishek Shrivastava
Edited by: Abhishek Shrivastava 08 Apr 2018, 16:05:33 IST

नई दिल्‍ली। देश में कोयले की कमी से निजी क्षेत्र की बिजली परियोजनाओं का  प्‍लांट लोड फैक्‍टर (क्षमता उपयोग) प्रभावित हो रहा है। इससे इन गर्मियों में बिजली एक्सचेंजों में बिजली की हाजिर कीमत बढ़ सकती है। बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार इससे पहले, पिछले साल कोयले की कमी के कारण ऊर्जा एक्सचेंज में बिजली के हाजिर मूल्य में वृद्धि हुई थी और भाव 11 रुपए प्रति यूनिट तक पहुंच गया था। गर्मियों में जब मांग उच्चतम स्तर पर पहुंचेगी, तब दर में वृद्धि हो सकती है।  

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के ताजा आंकड़े के अनुसार स्वतंत्र बिजली परियोजनाओं (आईपीपी) यानी निजी क्षेत्र की बिजली परियोजनाओं का क्षमता उपयोग (पीएलएफ) फरवरी 2018 में 52.54 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 59.54 प्रतिशत था। आंकड़े के अनुसार केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं की पीएलएफ आलोच्य महीने में बढ़कर 76.59 प्रतिशत रहा, जो इससे पूर्व वर्ष के इसी महीने में 72.93 प्रतिशत था। 

इसी प्रकार, राज्य परियोजनाओं का पीएलएफ फरवरी महीने में बढ़कर 61.76 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 54.41 प्रतिशत था। विशेषज्ञों के अनुसार सरकारी परियोजनाओं के मुकाबले स्वतंत्र बिजली परियोजनाओं का पीएलएफ कम होना निजी कंपनियों पर दबाव का संकेत हैं।

ये कंपनियां बिजलीघर को व्यवहारिक रखने के लिए उसे उच्च क्षमता पर परिचालन करने में असमर्थ हैं। उनका मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी की बिजली उत्पादन में हिस्सेदारी बढ़ रही है, जिसका कारण कोयले तक बेहतर पहुंच है। वहीं 2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश वाली 50,000 मेगावाट की स्वतंत्र बिजली परियोजनाएं काफी दबाव में हैं। 

विशेषज्ञों का कहना है कि कोयले की कमी, बिजली वितरण कंपनियों से भुगतान में देरी, आयातित कोयले के भाव में उतार-चढ़ाव तथा उठाव को लेकर समझौते नहीं होने से आईपीपी गर्मियों में बिजली की मांग में वृद्धि को पूरा करने के लिए बेहतर भूमिका निभाने में विफल होंगी।  इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के आंकड़े के अनुसार आईईएक्स में बिजली की दर मार्च महीने में पिछले महीने के मुकाबले 24 प्रतिशत बढ़कर 4.02 रुपए प्रति यूनिट पर पहुंच गई है।

Web Title: इस बार गर्मियों में ज्‍यादा चुकाने होंगे बिजली के दाम, बिजलीघरों में कोयले की कमी होगी इसकी वजह