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खाताधारकों द्वारा मिनिमम बैलेंस न रखने से सरकारी बैंकों की हुई चांदी, एक साल में ही वसूल लिए 5,000 करोड़ रुपए

सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन प्रमुख ने बीते वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान खाते में न्यूनतम राशि नहीं रख पाने को लेकर उपभोक्ताओं से 5,000 करोड़ रुपए वसूले हैं।

Manish Mishra
Edited by: Manish Mishra 05 Aug 2018, 13:15:49 IST

नई दिल्ली सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन प्रमुख ने बीते वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान खाते में न्यूनतम राशि नहीं रख पाने को लेकर उपभोक्ताओं से 5,000 करोड़ रुपए वसूले हैं। बैंकिंग आंकड़ों में यह बात सामने आयी है। इस मामले में जुर्माना वसूलने में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शीर्ष रहा है। इसने कुल 24 बैंकों द्वारा वसूले सम्मिलित 4,989.55 करोड़ रुपए जुर्माने का लगभग आधा 2,433.87 करोड़ रुपए वसूले हैं।

उल्लेखनीय है कि एसबीआई को बीते वित्त वर्ष में 6,547 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है। यदि बैंक को यह अतिरिक्त आय नहीं होती, तो उसका नुकसान और ऊंचा रहता। इसके बाद एचडीएफसी बैंक ने 590.84 करोड़ रुपए, एक्सिस बैंक ने 530.12 करोड़ रुपए और आईसीआईसीआई बैंक ने 317.60 करोड़ रुपए वसूले हैं।

एसबीआई ने 2012 तक खाते में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर जुर्माना वसूला था। उसने यह व्यवस्था एक अक्‍टूबर 2017 से फिर शुरू की है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंकों को सेवा और अन्य शुल्क वसूलने का अधिकार है।

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