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विजय माल्या से 963 करोड़ की हुई वसूली, SBI ने दी जानकारी

देश के बैंकों से 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज लेकर लंदन भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या से बैंकों ने कुल कर्ज का 10 प्रतिशत से ज्यादा वसूल लिया है, शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अर्जित वासू ने यह जानकारी दी है। SBI उन 13 बैंकों के संगठन का नेतृत्व कर रहा है जिसने माल्या की एयरलाइन किंगफिशर को 9000 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था।

Manoj Kumar
Manoj Kumar 07 Jul 2018, 15:49:50 IST

नई दिल्ली। देश के बैंकों से 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज लेकर लंदन भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या से बैंकों ने कुल कर्ज का 10 प्रतिशत से ज्यादा वसूल लिया है, शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) अर्जित वासू ने यह जानकारी दी है। SBI उन 13 बैंकों के संगठन का नेतृत्व कर रहा है जिसने माल्या की एयरलाइन किंगफिशर को 9000 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था।

अर्जित बासू ने बताया भारत में विजय माल्या की अबतक जो भी संपत्तियां नीलाम कीर जा चुकी हैं उनसे 963 करोड़ रुपए वसूली हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिटश अदालत द्वारा ब्रिटेन के अधिकारियों को माल्या की लंदन स्थित संपत्तियों की जांच और जब्ती के आदेश के बाद भारतीय बैंक ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जिससे अधिक से अधिक वसूली हो सके।

उन्‍होंने कहा कि हम अदालत के आदेश से बहुत खुश हैं और इस तरह के आदेश के साथ हम अब लंदन स्थि‍त संपत्तियों से भी रिकवरी करने में सक्षम होंगे। रिकवरी की कोई निश्चित राशि बताए बगैर उन्‍होंने कहा कि हमें उम्‍मीद है कि हम अपने पैसे का एक अच्‍छा-खासा हिस्‍सा रिकवर कर लेंगे।

उन्‍होंने बताया कि यूके प्रवर्तन आदेश एक अंतरराष्‍ट्रीय जब्‍ती आदेश है और भारतीय बैंक अपना संपूर्ण कर्ज वसूलने पर ध्‍यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि बैंक ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और उन्‍होंने एक मूल्‍यांकनकर्ता को भी नियुक्‍त किया है।

हाल ही में, यूके हाईकोर्ट जज ने 13 भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम के पक्ष में एक प्रवर्तन आदेश जारी किया है, जो शराब कारोबारी विजय माल्‍या से अपना धन वसूलने की कोशिश में लगे हुए हैं। वहीं विजय माल्‍या अपने ऊपर लगे 9000 करोड़ रुपए के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के साथ ही भारत में प्रत्‍यार्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।