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बैंक ऑफ इंडिया का दूसरी तिमाही मुनाफा 41% बढ़ा, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र का घाटा हुआ कम

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में फंसे हुए कर्ज में गिरावट के कारण बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) का शुद्ध लाभ 41.1 प्रतिशत बढ़कर 179.07 करोड़ रुपए हो गया।

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नई दिल्‍ली। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में फंसे हुए कर्ज में गिरावट के कारण बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) का शुद्ध लाभ 41.1 प्रतिशत बढ़कर 179.07 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल जुलाई-सिंतबर तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 126.84 करोड़ रुपए था। बीओआई ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि दूसरी तिमाही में उसकी कुल आय पिछले साल 11,469.11 करोड़ रुपए से बढ़कर इस साल 11,600.47 करोड़ रुपए हो गई।

इस वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (सकल एनपीए) मामूली रूप से गिरकर कुल ऋण का 12.62 प्रतिशत रहा, पिछले साल इसी तिमाही में सकल एनपीए कुल ऋण 13.45 प्रतिशत रहा था। समीक्षाधीन अवधि में शुद्ध एनपीए सुधरकर कुल ऋण का 6.47 प्रतिशत हो गया, पिछले साल यह 7.56 प्रतिशत था।

मूल्य के आधार पर, सकल एनपीए 49,306.90 करोड़ पर रहा, इससे पिछले साल यह आंकड़ा 52,261.95 करोड़ रुपए रहा था। एनपीए में आई कमी के कारण, समीक्षाधीन अवधि के दौरान फंसे कर्ज के लिए प्रावधान गिरकर 1,866.52 करोड़ रुपए रहा, इसके मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में यह 2,189.65 करोड़ रुपए रहा था।

बैंक आफ महाराष्ट्र का दूसरी तिमाही का घाटा कम हुआ 

बैंक आफ महाराष्ट्र (बीओएम) का 30 सितंबर को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का नुकसान कम होकर 23.24 करोड़ रुपए पर आ गया है। हालांकि, इस दौरान बैंक का डूबा कर्ज बढ़ा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 337.15 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 3,303.62 करोड़ रुपए पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,297.31 करोड़ रुपए थी। तिमाही के दौरान बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां बढ़कर 15.54 प्रतिशत हो गईं, जो एक साल पहले समान तिमाही में 14.08 प्रतिशत थीं। इस दौरान बैंक का शुद्ध एनपीए भी 9.94 प्रतिशत से बढ़कर 12.68 प्रतिशत हो गया। डूबे कर्ज के लिए बैंक का प्रावधान बढ़कर 835.12 करोड़ रुपए रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 656.18 करोड़ रुपए था।

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