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दमघोटू गंदी हवा से किसे हो रहा है फायदा? किसके कारोबार में हुआ इजाफा? जानिए यहां

किसी का घाटा, किसी का मुनाफा! कारोबार में तो यही चलता है, किसी एक के घाटे से किसी दूसरे का मुनाफा जुड़ा होता है। लेकिन, क्या हवा में बढ़ते प्रदूषण से भी किसी को फायदा हो सकता है?

Bhasha
Edited by: Bhasha 30 Nov 2018, 16:15:56 IST

नई दिल्ली: किसी का घाटा, किसी का मुनाफा! कारोबार में तो यही चलता है, किसी एक के घाटे से किसी दूसरे का मुनाफा जुड़ा होता है। लेकिन, क्या हवा में बढ़ते प्रदूषण से भी किसी को फायदा हो सकता है? क्योंकि इसके नुकसान तो कई हैं, इसीलिए फायदे के बारे में सवाल किया जा सकता है। और, सवाल का जवाब है, हां, बढ़ता प्रदूषण भी किसी के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है।

दरअसल, राजधानी समेत पूरे देश में साल-दर-साल प्रदूषण के बढ़ते स्तर के साथ ही वायु प्रदूषण रोकने से संबंधित उपकरणों का कारोबार भी बढ़ने लगा है, यहीं से ऐसे उपकरण बनाने वाली कंपनियों को मुनाफा भी हो रहा है। आज हर सांस के साथ बढ़ते कारोबार में तब्दील हो रहा है। स्वच्छ हवा देने वाले एयर प्यूरीफायर से लेकर बाहर सड़कों पर निकलते समय लगाए जाने वाले मास्क और विभिन्न प्रकार के उपकरणों का ये कारोबार बढ़ा है। 

विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की चेतावनियों, अदालत की झिड़कियों और विशेषज्ञों के सुझावों के बाद भी वायु की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इस कारण जो भी लोग आर्थिक तौर पर सक्षम हैं, घरों-दफ्तरों-वाहनों में साफ हवा सुनिश्चित करने के लिए उपकरण खरीद रहे हैं। 

किसी भी ऑनलाइन रिटेलर पर सरसरी निगाह मारने भर से 300 रुपये में उपलब्ध चारकोल एक्टिवेटेड थैलों से लेकर डेढ़ लाख रुपये में मिल रहे स्मार्ट एयर प्यूरीफायर तक मिल रहे हैं। इनके अलावा मध्यम श्रेणी में N95 मास्क बाजार में उपलब्ध हैं जो धुंध से बचाव में उपयोगी है। N100 मास्क इससे भी अधिक प्रभावी है और बेहद छोटे कणों को भी छानने में सक्षम है। इनकी कीमतें 90 रुपये से 5,500 रुपये के दायरे में हैं। 

एयर प्यूरीफायर के मामले में पैनासोनिक, फिलिप्स, हनीवेल और केंट समेत अन्य बड़े ब्रांडों के उत्पाद करीब सात हजार रुपये से शुरू हो जाते हैं। इनकी भी बिक्री में काफी तेजी देखी गई है। पैनासोनिक इंडिया के कारोबार प्रमुख (पर्सनल केयर, उपकरण एवं एयर प्यूरीफायर) रजनीश शर्मा ने बताया कि एयर प्यूरीफायर की बिक्री सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़ी है। उन्होंने नवंबर महीने में 40 प्रतिशत वृद्धि का भी अनुमान जाहिर किया। 

स्वास्थ्य एवं सौंदर्य उत्पाद बनाने वाली कंपनी एमवे इंडिया भी एयर प्यूरीफायर के कारोबार में उतर चुकी है। इन सब से इतर ‘इको रेंट अ कार’ कंपनी दैनिक आवाजाही के लिए ऐसा वाहन देने का वादा कर रही है जो वायु को स्वच्छ बनाने वाले उपकरणों से लैस है।

Web Title: दमघोटू गंदी हवा से किसे हो रहा है फायदा? किसके कारोबार में हुआ इजाफा? जानिए यहां । As the air pollution increasing y2y, air purifying products companies getting more profit