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27 सितंबर को सूर्य कर रहा है इस खास नक्षत्र में प्रवेश, इस नाम के लोगों पर आएगा सबसे ज्यादा संकट

27 सितंबर की दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर सूर्यदेव हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्यदेव के इस स्थिति बदलाव से विभिन्न नामाक्षर वाले लोगों और विभिन्न नक्षत्र वाले लोगों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव।

India TV Lifestyle Desk
India TV Lifestyle Desk 26 Sep 2018, 18:13:11 IST

धर्म डेस्क:  27 सितंबर की दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर सूर्यदेव हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 10 अक्टूबर को रात 01 बजकर 13 मिनट तक यहीं पर रहेंगे। दरअसल कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर सूर्य एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसका असर हम पृथ्वी पर रहने वाले लोगों पर भी पड़ता है। सूर्यदेव के इस स्थिति बदलाव से विभिन्न नामाक्षर वाले लोगों और विभिन्न नक्षत्र वाले लोगों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। तो किस नक्षत्र या नामाक्षर वाले लोगों पर क्या असर होगा और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए इस सब के बारें में आचार्य इंदु प्रकाश से।

हस्त, चित्रा या स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म हस्त, चित्रा या स्वाति नक्षत्र में हुआ हो और जिन लोगों के नाम का पहला अक्षर प, ठ, र या त हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक फायर, यानी अग्नि से संबंधित चीज़ों के साथ सावधानी पूर्वक काम करना चाहिए। साथ ही इलैक्ट्रिकल चीज़ों को भी संभलकर यूज़ करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिये 10 अक्टूबर तक के लिये ये प्लान टाल देना अच्छा होगा। साथ ही सूर्यदेव की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये  अपने घर की खिड़की, दरवाजे खोलकर रखें, ताकि घर में सूर्यदेव का उचित प्रकाश बना रहे। इस प्रकार सूर्यदेव की कृपा से आपको अशुभ स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। (कुंडली के पितृदोष से है परेशान, तो इन दिनों में नक्षत्र के अनुसार करें श्राद्ध )

विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र  में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम त, य, न या भ अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक कुछ बोरिंग  सा महसूस होगा। इस दौरान आपके काम कुछ धीमी गति से होंगे, जिससे आपके जीवन की गाडी कुछ थम  थमकर चलेगी। अतः इस दौरान अपने जीवन की गति को तेज करने के लिये आपको  रात को सोते समय अपने सिरहाने पर पांच बादाम रखकर सोएं और अगले दिन उन बादाम को किसी मन्दिर या धर्मस्थल पर दान कर दें। इससे आपके जीवन की थमी हुयी गाडी को चलने के लिये सहारा मिलेगा। (धन-दौलत के लिए करें गणपति के इस मंत्र का जाप, होगी महालक्ष्मी प्रसन्न)

पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण या धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण या धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर भ, ध, फ, ज, ख या ग हो, उन लोगों के जीवन में 10 अक्टूबर तक स्टेबिलिटी बनी रहेगी। इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, वो लंबे समय के लिये स्टेबल होंगे, यानी स्थिर होंगे। अतः अपने काम की स्टेबिलिटी को बनाये रखने के लिये घर में पीतल के बर्तन का इस्तेमाल करें। (साप्ताहिक राशिफल(24 से 30 सितंबर तक): इन राशिवालों के रुके काम बनेंगे, जानिए राशिनुसार अपना भविष्य )

जन्म शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद या उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद या उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर ग, स, द या झ हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक खूब सारी लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। आपके धन संग्रह में अचानक से बढ़ोतरी हो सकती है। इस स्थिति को सुनिश्चित करने के लिये और देवी लक्ष्मी की कृपा अपने ऊपर बनाये रखने के लिये  घर से बाहर निकलते समय या कोई खास काम शुरू करने से पहले संभव हो तो थोड़ा मीठा खाकर, पानी पीएं या केवल पानी पीएं। इससे आपके ऊपर देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।

Sun transit hasta nakshatra on 27 september 2018 thursday

रेवती, अश्विनी, भरणी या कृतिका नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म रेवती, अश्विनी, भरणी या कृतिका नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम द, च, ल, अ, ई, उ या ए अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को अपने जीवन में 10 अक्टूबर तक अप्रतिम लाभ देखने को मिलेंगे। आपको अचानक से बहुत सारे लाभ के अवसर मिलेंगे। अतः इस स्थिति को बरकरार रखने के लिये  मन्दिर में बाजरा दान करें और कुत्ते को रोटी डालें। इससे आपको मिलने वाले लाभ सुनिश्चित होंगे।

रोहिणी, मृगशिरा या आर्द्रा नक्षत्र  में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म रोहिणी, मृगशिरा या आर्द्रा नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर व, क, घ या छ हो, उन लोगों के जीवन में कुछ परेशानी आ सकती है। घर के मुखिया को कुछ कष्ट उठाना पड़ सकता है। अतः 10 अक्टूबर तक इस परेशानी से बचने के लिये और अपनी बेहतरी सुनिश्चित करने के लिए किसी जरूरतमंद को भोजन खिलाएं और चिड़ियों को दाना डालें। इससे आपकी परेशानी दूर
होगी।

पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा या मघा नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा या मघा नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम क, ह, ड या म अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को फाइनेंशियल लॉस का सामना करना पड़ सकता है। 10 अक्टूबर तक आपको पैसों के मामले में समझदारी से काम लेना चाहिए। साथ ही अपनी स्थिति को ठीक करने के लिये  10 अक्टूबर तक नित्य रूप से सूर्यदेव को अर्घ्य दीजिये और उनके इस मंत्र का जाप कीजिये- 'ऊँ घृणिः सूर्याय नमः।' इससे आपकी फाइनेंशियल सिचुएशन में सुधार आयेगा।

पूर्वाफाल्गुनी या उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र  में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म पूर्वाफाल्गुनी या उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम म, ट या प अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को आज से 10 अक्टूबर तक के बीच रोग या पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है। छोटी-छोटी चीज़ों के प्रति आपके अंदर भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः इस स्थिति से बचने के लिये और जीवन में बेहतरी लाने के लिए मन्दिर में सूखा नारियल या नारियल का तेल दान करें। साथ ही ध्यान रहे इस दौरान किसी से दान में कोई भी वस्तु न लें। अगर गलती से या मजबूरी वश लेनी पड़ जाये, तो 10 अक्टूबर तक उसका इस्तेमाल करने से बचे रहें। इससे आपको परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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