A
Hindi News भारत राष्ट्रीय जब सीमा पर जनाजे उठ रहें हों तो पाक के साथ बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

जब सीमा पर जनाजे उठ रहें हों तो पाक के साथ बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती- विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

सरकार के चार साल पूरे होने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने मंत्रालय के कामकाज पर एक किताब लॉन्च करते हुए बताया कि पिछले चार साल में करीब 90 हजार भारतीयों का विभिन्न जगहों से सफल रेस्क्यू किया गया है।

<p>विदेश मंत्री सुषमा...- India TV Hindi Image Source : PTI विदेश मंत्री सुषमा स्वराज।

नई दिल्ली: केंद्र में मोदी सरकार को चार साल पूरे हो गए हैं। चुनावी साल में कदम रखने जा रही मोदी सरकार के धीरे-धीरे मंत्री मीडिया के सामने आकर अपना चार साल का कामकाज का हिसाब दे रहे हैं। इसी तर्ज पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी अपने मंत्रालया का चार साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। अपने दोनों जूनियर मंत्रियो विदेश राज्य मंत्री एमजे एकबर और जनरल वीके सिंह के साथ मीडिया के सामने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक बुक जारी की जिसमें विदेश मंत्रालय के चार साल के कामकाज का लेखा-जोखा है। इस मौके पर सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ भी लगाई और अपने मंत्रालय के कामकाज का ब्यौरा भी दिया।

सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के विषय में बोलते हुए कहा कि हमने ये कभी नहीं कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार नहीं है लेकिन आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। जब सीमा पर जनाजे उठ रहें हों तो बातचीत की आवाज अच्छी नहीं लगती। हाल ही में गिलगिट बल्तिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान के उप- उच्चायुक्त को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराने के विषय पर बोलते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि इस मुद्दे पर हमें जो पाकिस्तान से जवाब मिला है वो हास्यस्पद है। वो हमें इतिहास सिखा रहे हैं। पाकिस्तान खुद कानून में विश्वास नहीं करता और हमेशा इतिहास विकृत करता है। उनका जवाब पर मैं ये ही कहना चाहती हूं कि देखों बोल कौन रहा है।

इसके अलावा विदेशों में फंसे भारतीयों के रेस्क्यू ऑपरेशन पर बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले चार साल में 90 हजार भारतीयों का रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री के विभिन्न दौरों के दौरान भी कई लोगों की सजा माफ की गई हैं। इसके अलावा सुषमा स्वराज ने कहा कि मुझे ये जानकर काफी हैरानी हुई थी कि कई देश ऐसे भी है जहां हमारे नेता जाते ही नहीं। जब हमारी सरकार का गठन हुआ तो हमने निश्चय किया था कि यूएन में आने वाले सभी 192 देशों का हम दौरा करेंगे और चार साल में हमने 186 देश कवर कर लिए हैं।

Latest India News