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Hindi News भारत राष्ट्रीय RAJAT SHARMA BLOG: PNB के प्रति लोगों का भरोसा क्यों टूटा ?

RAJAT SHARMA BLOG: PNB के प्रति लोगों का भरोसा क्यों टूटा ?

इस घोटाले के उजागर होने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब नेशनल बैंक के शेयरहोल्डर्स को हुआ। दो दिन में PNB के शेयर की कीमत 160 रूपए से घटकर 127 रूपए पर आ गई। निवेशकों के करीब छह हजार करोड़ रूपए डूब गए।

Rajat Sharma- India TV Hindi Rajat Sharma

पिछले 10 साल से पंजाब नैशनल बैंक में यह घोटाला चल रहा था। ज्वैलरी व्यापारी नीरव मोदी की कंपनियों ने बैंकिंग व्यवस्था का अनुचित फायदा उठाकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB)  को 11,400 करोड़ का चूना लगा दिया। कई सीनियर बैंक अधिकारियों की जानकारी के बगैर इतने बड़े पैमाने पर ठगी नहीं हो सकती थी ।  इस साल की शुरुआत में इस घोटाले का खुलासा हुआ।
 
अभी तक लगभग 150 फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का पता लगाया गया है। नीरव मोदी, उसकी पत्नी और भाई जनवरी में भारत छोड़कर चले गए। ऐसी अटकलें हैं कि वे लोग बेल्जियम के एंटवर्प में हो सकते हैं। गुरुवार को जिस वक्त पूरे भारत में नीरव मोदी के 20 ठिकानों पर छापे की कार्रवाई शुरु हुई उसी दौरान नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक को एक लेटर भेजा। नीरव मोदी की तरफ से पंजाब नेशनल बैंक को छह महीने के अंदर सारा पैसा वापस करने की बात कही गई है लेकिन बैंक नीरव मोदी की बातों से संतुष्ट नहीं है। इसलिए गुरुवार को बैंक के अधिकारी मीडिया के सामने आए और केस की पूरी डीटेल बताई। अब गेंद सीबीआई कोर्ट में है। 
 
जैसे ही इस घोटाले की गूंज देशभर में फैली, कांग्रेस पार्टी नीरव मोदी की 23 जनवरी की एक तस्वीर लेकर मीडिया के सामने आई जो कि दावोस सम्मेलन की है। इस तस्वीर में पीएम मोदी और भारतीय कंपनियों के CEO के साथ नीरव मोदी खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस तस्वीर को लेकर काफी शोर मचाया। बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प3त्यारोप का एक और दौर शुरु हो गया। 
 
जो लोग सार्वजनिक जीवन में होते हैं उनके साथ हजारों लोग रोज़ फोटो खिचवाते हैं। अब कोई नेता हर शख्स का व्य़क्तिगत रिकॉर्ड तो चेक नहीं कर सकता, इसलिए तस्वीर को मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। कुछ साल पहले राहुल गांधी भी दिल्ली के एक होटल में नीरव मोदी की ज्वैलरी एक्जीबीशन में गए थे। हो सकता है नीरव मोदी के साथ उनकी तस्वीरें भी सामने आ जाएं। ऐसी हालत में कांग्रेस क्या जबाव देगी? 
 
दूसरी बात, नीरव मोदी 1 जनवरी को देश से बाहर गए। 23 जनवरी को नरेन्द्र मोदी डावोस में भारत के कारोबारियों से मिले। उनके साथ फोटो खिंचवाई। इसमें नीरव मोदी भी दिखाई दिए लेकिन तब तक नीरव मोदी न आरोपी थे न उनके खिलाफ कोई केस दर्ज था। CBI ने 31 जनवरी को केस दर्ज किया इसलिए प्रधानमंत्री के साथ नीरव मोदी की तस्वीर को मुद्दा बनना ठीक नहीं है।

इस घोटाले के उजागर होने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब नेशनल बैंक के शेयरहोल्डर्स को हुआ। दो दिन में PNB के शेयर की कीमत 160 रूपए से घटकर 127 रूपए पर आ गई। निवेशकों के करीब छह हजार करोड़ रूपए डूब गए। लेकिन पिछले दो दिन में जांच एजेंसियों ने तेजी से काम किया। नीरव मोदी की 6400 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली। मतलब ये है कि देर सबेर बैंक का पैसा तो वसूल हो जाएगा लेकिन निवेशकों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई मुश्किल है। 
 
पंजाब नेशनल बैंक के प्रति लोगों का जो भरोसा टूटा है उसकी भरपाई मुश्किल है। सरकार नीरव मोदी के खिलाफ एक्शन ले रही है लेकिन वो विदेश भाग चुका है। नीरव मोदी को देश में लाकर कानूनी कार्रवाई करने में वक्त लगेगा। जब तक नीरव मोदी को देश में नहीं लाया जाएगा तब तक इस पर सियासत होती रहेगी।। (रजत शर्मा)

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