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केरल बाढ़: तबाही के बाद राज्य में फीकी पड़ी ओणम की चमक, PM ने कहा- पूरा देश आपके साथ

इस बार उत्सव के समय लोगों के दिमाग में यह बात है कि वे इस विपदा से बाहर कैसे निकलेंगे। राज्य सरकार ने भी इस बार ओणम त्योहार के जश्न रद्द कर दिए हैं।

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IndiaTV Hindi Desk
Edited by: IndiaTV Hindi Desk 25 Aug 2018, 18:07:21 IST

तिरुवनंतपुरम: बाढ़ से तबाह हुए राज्य केरल में शनिवार को ओणम के त्योहार का पहला दिन है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई कि ओणम का त्योहार केरल की जनता को बाढ़ के बाद बने संकटपूर्ण हालात से उबरने की नई शक्ति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता के साथ पूरा देश खड़ा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘ओणम का यह त्योहार केरल के लोगों को पिछले कुछ दिन से उनके सामने आ रहीं विपत्तियों से उबरने की और अधिक शक्ति प्रदान करे।’ केरल में एक सदी की सबसे भयावह बाढ़ आई है। भारी बारिश और बाढ़ से 8 अगस्त से राज्य में 231 लोगों की जान जा चुकी है।

‘सोचा नहीं था कि ओणम पर हम इस हाल में होंगे’
बुजुर्ग महिला कुमारी अलापुझा जिले में एक बाढ़ राहत शिविर के आंगन में अन्य लोगों को ‘पुक्कलम’ (फूलों की रंगोली) बनाने का प्रयास करते हुए टकटकी लगाए बस देख रही थीं। अपने परिवार के साथ पिछले वर्ष मनाए गए ओणम के जश्न को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि हम उस घर में ओणम का जश्न नहीं मना पाएंगे। आज थिरु ओणम है, लेकिन हम इस राहत शिविर में हैं। लगातार बारिश और बाढ़ से हमारे घर तबाह हो गए।’ कुमारी उन 8 लाख से अधिक लोगों में शामिल हैं जो भयावह बाढ़ से विस्थापित हुए है और अब राज्य के राहत शिविरों में रह रहे हैं।


धरी रह गई त्योहार की तैयारी
इस भयानक बाढ़ से अब तक 265 लोगों की मौत हो चुकी है। आज थिरू ओणम का त्योहार है जिसका इंतजार केरल के लोग बड़ी बेसब्री से करते है। स्कूलों, कॉलेजों, कन्वेंशन हाल, मस्जिदों और गिरिजाघरों में ओणम त्योहार की तैयारी की गई थी जो अब विभिन्न जिलों में राहत शिविरों के रूप में बदल चुके है। बाढ़ प्रभावित लोगों के चिंतित दिमाग को शांत करने के लिए भी पुक्कलम बनाई गई है। सबसे अधिक प्रभावित अलापुझा जिले में एक मस्जिद में ‘ओणम’ का त्योहार मनाया गया। यह मस्जिद एक राहत शिविर में बदल चुकी है।

मस्जिदों ने भी खोले अपने दरवाजे
मजिस्द समिति के एक अधिकारी ने कहा कि 18 अगस्त को सभी धर्मों के लोगों को आश्रय देने के लिए मस्जिद के दरवाजे खोले गये थे। उन्होंने कहा,‘हमने कई मकानों को तबाह और लोगों को विस्थापित होते हुए देखा है, हमने ‘नमाज’ अदा करने के लिए इस्तेमाल होने वाले अपने हॉल को विस्थापितों के लिए खोला है। यह सचमुच धार्मिक सद्भाव है। बाढ़ सभी धर्मों के लोगों को एक साथ ले आई है।’ हाल में बकरीद का जश्न भी यहां इसी भावना के साथ मनाया गया था। ओणम आज मनाया जा रहा है और शिविर में लोगों ने इसे मनाने की तैयारी की है।

Whats appबाढ़ से तबाह हुए घर में साफ-सफाई करता केरलवासी | PTI

लोगों को उम्मीद, अगली बार धूम से मनाएंगे ओणम
चेंगान्नूर में एक राहत शिविर में रह रहे एक व्यक्ति ने कहा कि इस बार ओणम का जश्न बेशक इस बार फीका है लेकिन हम अगले वर्ष निश्चित रूप से इस पर्व को अपने घरों में मनायेंगे। कई शिविरों में इस त्योहार को मनाने के लिए महिलाएं सब्जियां काटने में व्यस्त हैं और पुरूष बिना किसी झिझक के उनकी मदद के लिए खड़े है। केरल में ओणम का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है लेकिन इस बार उत्सव के समय लोगों के दिमाग में यह बात है कि वे इस विपदा से बाहर कैसे निकलेंगे। राज्य सरकार ने भी इस बार ओणम त्योहार के जश्न रद्द कर दिए हैं।

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Web Title: PM Modi wish people on Onam with prayers, festivities washed away by Kerala floods
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