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आतंक का रास्ता छोड़ फौजी बने शहीद नजीर वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र

एक समय पर नजीर वानी आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने आतंक का रास्ता छोड़ा और टेरोटोरियल ऑर्मी को ज्वाइन किया

IndiaTV Hindi Desk
Written by: IndiaTV Hindi Desk 24 Jan 2019, 11:58:26 IST

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का रास्ता छोड़ सेना में शामिल होने वाले शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी को इस साल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र के लिए चुना गया है। नजीर वानी घाटी में 6 आतंकवादियों को मार गिराए जाने वाले ऑपेशन में शामिल थे और ऑपरेशन के दौरान वे शहीद हो गए थे।

एक समय पर नजीर वानी आतंकवाद के रास्ते पर चल पड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने आतंक का रास्ता छोड़ा और टेरोटोरियल ऑर्मी को ज्वाइन किया। आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे 34 राष्ट्रीय राइफ्ल्स के ऑपरेशन में नजीर वानी शामिल थे और ऑपरेशन के दौरान वे शहीद हुए थे, नजीर वानी ने जम्मू-कश्मीर लाइट इनफेंट्री को ज्वाइन किया हुआ था।

शहीद नजीर वानी को इससे पहले भी आतंकवादियों के खिलाफ अपनी वीरता के लिए 2 बार सेना मेडल से नवाजा जा चुका था, वे जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के चक्की अश्मुजी गांव के निवासी थे, अपने पीछे वे एक पत्नी और 2 पुत्र छोड़ गए हैं।

नजीर वानी के अलावा सेना 4 अन्य अधिकारियों और सैनिकों को कीर्ती चक्र तथा 12 अन्य अधिकारियों और सैनिकों को शौर्य चक्र के लिए चुना गया है।

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