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जिन अखबारों और चैनलों पर लोग भरोसा करते हैं वहां पैसे देकर कोई खबरें नहीं चलवा सकता: रजत शर्मा

बहुत छोटे लेवल पर पेड न्यूज की खबरें आती हैं लेकिन मैं दावे से कह सकता हूं कि ऐसे टीवी चैनल और अखबार जिसपर लोग भरोसा करते हैं कोई पैसा देकर खबरें नहीं चलवा सकता।

IndiaTV Hindi Desk
Written by: IndiaTV Hindi Desk 30 May 2018, 21:56:37 IST

नई दिल्ली: इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने पेड न्यूज को लेकर कहा कि अच्छे अखबारों और न्यूज चैनलों में पेड न्यूज नहीं होता है। बहुत छोटे लेवल पर पेड न्यूज की खबरें आती हैं लेकिन मैं दावे से कह सकता हूं कि ऐसे टीवी चैनल और अखबार जिसपर लोग भरोसा करते हैं कोई पैसा देकर खबरें नहीं चलवा सकता। वहीं सनसनीख़ेज़ न्यूज दिखाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 5 से 8 साल पहले सनसनीख़ेज़ खबरों का जोर था लेकिन बाद में खबरों की तरफ झुकाव बढ़ा। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर रजत शर्मा 'RED FM' के आरजे कल्पेश के सवालों का जवाब दे रहे थे।

हिंदी की व्यूरशिप अंग्रेजी चैनल के मुकाबले 138 गुना ज्यादा
एक सवाल के संदर्भ में अंग्रेजी और हिंदी न्यूज चैनलों के दर्शकों की संख्या की जिक्र करते हुए रजत शर्मा ने कहा कि ये परसेप्शन है कि बड़ी संख्या में लोग अंग्रेजी चैनल देखते हैं। अगर आपको फैक्ट और फीगर बताऊं तो हिंदी की व्यूरशिप अंग्रेजी चैनल के मुकाबले 138 गुना है। इन दोनों का कोई मुकाबला नहीं।

सवाल पूछने की तल्खी हमारे कंटेंट में होनी चाहिए
​वहीं अपने कार्यक्रम में सवाल पूछने के दौरान बेहद सहज भाव रखने और अन्य एंकरों की उग्रता से जुड़े सवाल पर रजत शर्मा ने कहा कि मैं जहां भी जाता हूं लोग यही शिकायत करते हैं कि रात को 9 से 11 शोर होता है। टीवी देखने बैठते हैं तो ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। हमने अपने बारे में और इंडिया टीवी के बारे में हमेशा यह मानक रखा है कि हम लोगों से बदतमीजी नहीं करें। हम लोगों पर चिल्लाए नहीं। ये हमारी सभ्यता नहीं है। लोगों से आदर से अदब से सवाल पूछने चाहिए। हमारे सवाल पूछने की तल्खी हमारे कंटेंट में होनी चाहिए, हमारे सवाल पूछने की स्टाइल में नहीं होनी चाहिए। ये कोशिश करते हैं। इंडिया टीवी का यही सटैंडर्ड रहा है।

इस तरह शुरू हुआ 'आपकी अदालत' का सफऱ
यह पूछे जाने पर कि 'आपकी अदालत' की शुरुआत कैसे हुई, उन्होंने बताया '25 साल पहले हमलोग प्लेन में सफर कर रहे थे। सुभाष चंद्रा ZEE TV के ऑनर थे.. उन्होंने ZEE TV शुरू किया था.. पारले के चेयरमैन रमेश चौहान और फिल्म अभिनेता गुलशन ग्रोवर भी साथ थे। गुलशन कॉलेज के जमाने से हमारे साथी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इनके चैनल पर हमारा इंटरव्यू आए तो मुझे फायदा होगा मेरी कीमत बढ़ जाएगी। मैंने सुभाष चंद्रा जी से कहा आप मेरे दोस्त का इंटरव्यू करो अपने चैनल पर.. इसपर उन्होंने कहा मैं तो इस फील्ड का आदमी नहीं हूं आप क्यों नहीं करते। फिर मैंने 15-20 मिनट तक उनको लेक्चर दिया... एक कटघरा बनाओ.. पब्लिक को बुलाओ.. सवाल पूछो और नेताओं को एक्सपोज करो। दो दिन बाद सुभाष जी का फोन आया और वे मेरे दफ्तर में आए। उन्होंने कहा कि प्लेन में जो आपने आइडिया दिया था अदालत के प्रोग्राम का वो करना चाहिए.. इसपर मैंने कहा कि वो तो मैंने ऐसे ही कहा था.. लेकिन उन्होंने कहा- नहीं अच्छा प्रोग्राम बन सकता है.. मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि वो तो मैं टाइम पास कर रहा था.. फिर दो-तीन दिन बाद उन्होंने अपने क्रिएटिव डायरेक्टर कमलेश पांडे और करुणा समतानी को भेजा। दोनों ने कहा अच्छा प्रोग्राम हो सकता है। फिर मैं सुभाष जी के पास गया और कहा माफ कीजिए ऐसा कोई प्रोग्राम नहीं हो सकता है। लेकिन सुभाष जी लगातार अड़े रहे और उसका नतीजा ये हुआ कि 12 फरवरी 1993 को हमने लालू यादव के साथ प्रोग्राम को रिकॉर्ड किया जो कि इतिहास बन गया।

देखें पूरा इंटरव्यू

‘आपकी अदालत’ का हर शो एक चुनौती
रजत शर्मा से जब यह सवाल पूछा गया कि किस शख्सियत के साथ शो करने में आपको सबसे ज्यादा अच्छा लगा, उन्होंने कहा बहुत सारे लोग हैं.. हर प्रोग्राम मेरे लिए चुनौती है। पिछले दिनों आलिया भट्ट के साथ आपकी अदालत किया.. सलमान खान के साथ यह प्रोग्राम किया किया.. एक जमाने में बाल ठाकरे.. अटल बिहारी वाजपेयी.. इमरान खान और चार साल पहले नरेंद्र मोदी के साथ आपकी अदालत किया। हर प्रोग्राम में ऐसा लगता है कि सफल हो पाऊंगा या नहीं। हर शो मेरे लिए एक चुनौती की तरह है।

डोनाल्ड ट्रंप को अपने शो में देखना चाहता हूं
वहीं जब उनसे यह पूछा गया कि कोई ऐसी हस्ती जिसको अपने शो में बुलाने की इच्छा हो, रजत शर्मा ने कहा-मैं डोनाल्ड ट्रंप को अपने शो में देखना चाहता हूं...मुझे लगता है आज के जमाने में सबसे इंटरेस्टिंग कैरेक्टर कोई हो सकता है तो वो हैं डोनाल्ड ट्रंप। .. वे जितनी मीडिया को गाली देते हैं झूठा कहते हैं... जिस तरह वे ट्वीट करते हैं.. तो ऐसा लगता है वाकई मौजूदा दौर में वे सबसे इंटरेस्टिंग कैरेक्टर हैं। उन्होंने आगे कहा कि रजनीकांत अब चूंकि राजनीति में हैं तो और भी इंटरेस्टिंग इंटरव्यू हो सकता है। अमिताभ बच्चन अभी तक नहीं आए हैं और मुझे उनका इंतजार है कि वे 'आपकी अदालत' में आएं। ये ऐसे कैरेक्टर हैं जिसके बारे में पब्लिक में काफी उत्सुकता है। मेरी उत्सुकता तो छोटी बात है लेकिन जनता जिसके बारे में जानना चाहती है वो बड़ी बात है। अब चुनाव आएंगे तो एकबार फिर नरेंद्र मोदी जी को पेश करेंगे।

अटल बिहारी वाजपेयी को शो में लाना चुनौतीपूर्ण 
रजत शर्मा ने कहा कि पू्र्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को इस कार्यक्रम में लाना बहुत चुनौतीपूर्ण था। वे अक्सर हमारे आग्रह को टाल देते थे। मैंने बड़ी कोशिश की। एक बार उनके पास चिट्ठियां लेकर गया और कहा कि 6 हजार चिट्ठियां हैं और लोगों का आग्रह है कि आप 'आपकी अदालत' में आएं। बड़ी मशक्कत के बाद वे शो में आने को राजी हुए।

पाकिस्तानी क्रिकेटर इमरान खान की रिकॉर्डिंग के लिए हमें दुबई जाना पड़ा था। सलमान खान को आपकी अदालत में लाना बड़ा चैलेंजिंग था। वे जल्दी किसी का जवाब देने के लिए तैयार नहीं होते। उनको मनाना और उनसे सवाल पूछना आसान नहीं है। लेकिन जब सलमान आए और उन्होंने जिस तरह से सवालों के जवाब दिये... वो जिंदगी में जो बड़े शोज किए हैं जिसको पब्लिक ने सबसे ज्यादा पसंद किया.. उनमें से एक है। 'आपकी अदालत' में नरेंद्र मोदी के बाद इस शो को करके मुझे काफी संतोष हुआ। सलमान खान ने पहली बार ऐश्वर्या राय और कटरीना कैफ के बारे में बात की।

एक टाइगर को पहली बार एक टाइगर मिला
वहीं डर से जुड़े सवाल पर रजत शर्मा ने कहा कि आज तक कोई भी ऐसा नहीं आया जिसे देखकर मुझे डर लगा हो। जब पहली बार बाला साहेब के साथ हमने 'आपकी अदालत' शो किया तो वहां बड़ी संख्या में शिव सैनिक भी थे। प्रोग्राम के बीच में एक महिला ने कान में धीरे से कहा-बेटा ऐसे सवाल मत पूछना। फिर ब्रेक में मैंने बाला साहब से यह बात कही तो उन्होंने कहा कि एक टाइगर को पहली बार एक टाइगर मिला है..तुम जो कुछ भी पूछो मैं जवाब दूंगा। वहीं एक अन्य इंटरव्यू का जिक्र करते हुए रजत शर्मा ने कहा कि इंटरव्यू खत्म होने के बाद उन्हें धमकी मिली थी। धमकी देनेवाले यूपी के राजनीतिज्ञ, माफिया थे। उनके बेटे ने मर्डर किया था। प्रोग्राम खत्म हुआ तो उन्होंने कहा कि मुझे तुम्हारी गाड़ी का नंबर पता है और यह भी पता है कि बम कैसे लगाया जाता है।

एक्जिट और ओपिनियन पोल एजेंसियां करती हैं, न्यूज चैनल का उनपर नियंत्रण नहीं 
एक्जिट और ओपिनियन पोल से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए रजत शर्मा ने कहा कि एक्जिट और ओपिनियन पोल विभिन्न एजेंसियां करती हैं जिसका न्यूज चैनल से कोई मतलब नहीं होता। वे स्वतंत्र हैं। हमारा उनपर कोई नियंत्रण नहीं होता है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप जीतेंगे किसी ओपनियन पोल ने नहीं कहा। इसलिए ये टी-ट्वेंटी मैच की तरह है। 

'मुगले आजम' पसंदीदा मूवी 
इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कई व्यक्तिगत सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने बताया कि 'मुगले आजम' उनकी पसंदीदा मूवी है। यह अल्टीमेट फिल्म है। इससे बेहत फिल्म आज तक नहीं बनी है। रजत शर्मा ने बताया कि उन्होंने आखिरी फिल्म पद्मावत देखी थी। वहीं जब उनसे पसंदीदा अभिनेता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दिलीप कुमार का नाम लिया और कहा कि वे एक्टर नहीं संस्था हैं। आज जो भी एक्टर हैं सब दिलीप साहब से सीखते हैं। रजत शर्मा ने बताया कि पुराने गानों में किशोर कुमार का गया 'आ चल के तुझे मैं लेके चलूं इक ऐसे गगन के तले' उनका पसंदीदा गाना है। पसंदीदा खाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कम खाता हूं तो कोई फेवरिट डिश नहीं है। चूंकि मूल रूप से राजस्थान का हूं तो वहां की दाल बाटी, चूरमा आदी पसंद है। 

क्रिकेट मेरा पैशन, डीडीसीए को अच्छे लोगों की जरूरत
​डीडीसीए अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से जुड़े सवाल पर रजत शर्मा ने कहा कि क्रिकेट मेरा पैशन है... ज्यादातर क्रिकेटर मेरे मित्र हैं और मैं क्रिकेट देखता हूं। उन्होंने कहा कि अरुण जेटली मेरे मित्र हैं और उनका कहना था कि डीडीसीए को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो उसे अच्छे तरीके से चलाए। उन्होंने काफी जोर दिया लेकिन मैं मना करता रहा। तीसरी बार जब उन्होंने जोर दिया और कहा कि अच्छे लोगों को आगे आना चाहिए। तुम्हें क्रिकेट से न पैसा चाहिए, न नाम चाहिए। न ही इसमें कुछ पैसे खर्च करने होंगे। तो फिर ये सुनकर मैंने यह फैसला लिया।

अपना ख्याल रखो, जिंदगी बहुत बेहतर होगी
​वहीं अपनी फिटनेस से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए रजत शर्मा ने कहा, अगर फिट रहना है तो लाइफ में एक अनुशासन होना चाहिए। डाइट पर कंट्रोल होना चाहिए। रोज कम से कम एक घंटा एक्सरसाइज करना चाहिए। ये बातें सबलोग जानते हैं लेकिन करते नहीं। जो लोग नहीं करते, परेशानी में रहते हैं। मैं हमेशा लोगों से यही कहता हूं कि हॉस्पिटल, डॉक्टर और दवाइयों से बचो। थोड़ा फिटनेस पर ध्यान दो। अपना ख्याल रखो और आपकी जिंदगी बहुत बेहतर होगी।

 

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