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Hindi News भारत राष्ट्रीय CVC रिपोर्ट की वो बड़ी बातें...

CVC रिपोर्ट की वो बड़ी बातें जिसकी वजह से आलोक वर्मा ने गंवाई CBI चीफ की कुर्सी

8 पेज की CVC रिपोर्ट में आलोक वर्मा पर ना सिर्फ गंभीर आरोप हैं बल्कि साफ लिखा है कि उनके खिलाफ जो शिकायतें मिली हैं, जो इल्जाम हैं और जो सबूत दिए गए हैं उनकी जांच जरूरी है और यही वजह है कि आलोक वर्मा का CBI डायरेक्टर पद पर रहना ठीक नहीं होगा।

IndiaTV Hindi Desk
IndiaTV Hindi Desk 11 Jan 2019, 14:17:42 IST

नई दिल्ली: केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के गंभीर आरोपों के बाद प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली देश की सबसे पावरफुल कमेटी ने आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया। 8 पेज की CVC रिपोर्ट में आलोक वर्मा पर ना सिर्फ गंभीर आरोप हैं बल्कि साफ लिखा है कि उनके खिलाफ जो शिकायतें मिली हैं, जो इल्जाम हैं और जो सबूत दिए गए हैं उनकी जांच जरूरी है और यही वजह है कि आलोक वर्मा का CBI डायरेक्टर पद पर रहना ठीक नहीं होगा।

CVC रिपोर्ट के मुताबिक़

  • शिकायत मिली कि मोईन कुरैशी से जुड़े केस में आलोक वर्मा ने 2 करोड़ घूस ली। ये रिश्वत आलोक वर्मा को सतीश बाबू सना को राहत दिलाने के लिए दी गई, इसके सबूत भी मिले
  • आलोक वर्मा पर इल्जाम है कि IRCTC केस में सीबीआई डायरेक्टर ने FIR में से एक नाम जानबूझकर गायब कर दिया
  • आलोक वर्मा ने सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर को लालू यादव के ठिकाने पर सर्च न करने के निर्देश भी दिए
  • आरोप है कि सीबीआई डायरेक्टर ने सीवीसी के साथ जांच में सहयोग नहीं किया। CVC ने आलोक वर्मा से इन केसों से जुड़ी फाइलें और दस्तावेज मांगे लेकिन वो तय वक्त पर नहीं दिए गए
  • आलोक वर्मा की तरफ से कहा गया कि उस व्यक्ति की पहचान उजागर करें जिन्होंने कैबिनेट सेक्रेटरी के पास उनके भ्रष्टाचार की शिकायत की। आरोपों के मुताबिक़ आलोक वर्मा ने कहा कि राकेश अस्थाना की तरफ से की गई शिकायत को एक दागी अफसर द्वारा सीबीआई के दूसरे अफसरों को धमकाने के तौर पर देखा जाना चाहिए।
  • इस रिपोर्ट में बाहरी खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ द्वारा फोन पर पकड़ी गई बातचीत का भी जिक्र है। खास बात यह है कि सना, अस्थाना के खिलाफ दर्ज मामले में शिकायतकर्ता है। उसने इस मामले में अपने बिचौलियों को दी गई रिश्वत के बारे में जानकारी दी थी
  • एक अन्य मामला सीबीआई द्वारा गुड़गांव में भूमि अधिग्रहण के बारे में दर्ज शुरुआती जांच से संबंधित है। सीवीसी ने आरोप लगाया कि इस मामले में वर्मा का नाम सामने आया था
  • आयोग ने यह भी आरोप लगाया कि वर्मा सीबीआई में दागी अधिकारियों को लाने की कोशिश कर रहे हैं

कार्यकाल ख़त्म होने के 21 दिन पहले आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटाकर सिविल डिफेंस, फायर सर्विसेस और होम गार्ड विभाग का महानिदेशक बना दिया गया है जबकि नागेश्वर राव दोबारा सीबीआई के अंतरिम निदेशक बना दिए गए हैं लेकिन इस बीच ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं जिनका जवाब जानना ज़रूरी है।

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