Live TV
GO
  1. Home
  2. WhatsApp या अन्य सेवा पर सभी...

WhatsApp या अन्य सेवा पर सभी मैसेजिस को 90 दिनों तक स्टोर करके रखने का प्रस्ताव

नई दिल्ली: सरकार ने किसी भी मोबाइल उपकरण या कंप्यूटर से भेजे गए SMS और e-mail सहित कूट भाषा वाले सभी संदेशों को नई इनक्रिप्शन नीति के तहत 90 दिनों तक अनिवार्य रूप से स्टोर

Agency
Agency 22 Sep 2015, 15:28:31 IST

नई दिल्ली: सरकार ने किसी भी मोबाइल उपकरण या कंप्यूटर से भेजे गए SMS और e-mail सहित कूट भाषा वाले सभी संदेशों को नई इनक्रिप्शन नीति के तहत 90 दिनों तक अनिवार्य रूप से स्टोर करके रखने का प्रस्ताव किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, आप जो भी संदेश भेजें, चाहे वह (WhatsApp) व्हाट्सऐप से, SMS से, e-mail से या किसी अन्य सेवा से भेजा गया हो, उसे 90 दिनों के लिए अनिवार्य रूप से स्टोर करके रखना होगा और मांगने पर उसे सुरक्षा एजेन्सियों को उपलब्ध कराना होगा। कूट भाषा में भेजे गए संदेशों को स्टोर करके रखने और मांगने पर उपलब्ध कराने में विफल रहने पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई में जेल की सजा भी हो सकती है।

इलेक्ट्रानिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी प्रस्तावित नयी इनक्रिप्शन नीति सरकारी विभागों, अकादमिक संस्थानों, नागरिकों और हर तरह के संचार सहित सभी लोगों पर लागू होगी। आमतौर पर व्हाट्सऐप, वाइबर, लाइन, गूगल चैट, याहू मैसेंजर आदि जैसी सभी आधुनिक मैसेजिंग सेवाओं में अत्यधिक कूट भाषा का इस्तेमाल किया जाता है जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन संदेशों को स्पष्ट कर पाना मुश्किल होता है। नीति के मसौदे में कहा गया है, सभी सूचनाओं को संबद्ध बी..सी इकाई द्वारा 90 दिनों तक स्टोर रखा जाएगा और जब कभी मांगा जाये उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

मसौदे में परिभाषित बी वर्ग में सभी सांविधिक संगठन, कार्यकारी निकाय, कारोबारी व वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, अकादमिक संस्थान आएंगे, जबकि सी वर्ग में सरकारी कर्मचारी व गैर अधिकारी या निजी कारोबार कर रहे सभी नागरिक शामिल हैं।

यह भी पढ़ें-

Facebook से जुड़ी ये बातें नहीं जानतें होंगे आप

WhatsApp पर तस्वीरें छुपाने का शानदार तरीका

India Tv पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। News in Hindi के लिए क्लिक करें सेक्‍शन
Web Title: WhatsApp या अन्य सेवा पर सभी मैसेजिस को 90 दिनों तक स्टोर करके रखने का प्रस्ताव